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à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ और मोटापा में कà¥à¤¯à¤¾ है संबंध
वासà¥à¤¤à¤µ में à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ कोई बीमारी नहीं है, लेकिन यह कई बीमारियों की वजह जरूर बन सकता है। समय रहते इस पर काबू पाकर सेहत संबंधी कई गंà¤à¥€à¤° समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं से बचा जा सकता है।
पिछले कà¥à¤› सालों के दौरान à¤à¤¾à¤°à¤¤ सहित दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ à¤à¤° में à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ पीड़ितों की संखà¥à¤¯à¤¾ तेजी से बढ़ी है। बदलती जीवनशैली के साथ आहार संबंधी आदतों में होने वाला बदलाव इस समसà¥à¤¯à¤¾ के मà¥à¤–à¥à¤¯ कारण के रूप में सामने आ रहा है।
वासà¥à¤¤à¤µ में à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ कोई बीमारी नहीं है, लेकिन यह कई बीमारियों की वजह जरूर बन सकता है। समय रहते इस पर काबू पाकर सेहत संबंधी कई गंà¤à¥€à¤° समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं से बचा जा सकता है।
कà¥à¤¯à¤¾ है à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾
हमारे शरीर को हेलà¥à¤¦à¥€ और फिट रहने के लिठअनà¥à¤¯ पोषक ततà¥à¤µà¥‹à¤‚ के साथ-साथ आयरन की à¤à¥€ जरूरत होती है। आयरन ही हमारे शरीर में लाल रकà¥à¤¤ कोशिकाओं का निरà¥à¤®à¤¾à¤£ करता है। ये कोशिकाà¤à¤‚ ही शरीर में हीमोगà¥à¤²à¥‹à¤¬à¤¿à¤¨ बनाने का काम करती हैं।
हीमोगà¥à¤²à¥‹à¤¬à¤¿à¤¨ फेफड़ों से ऑकà¥à¤¸à¥€à¤œà¤¨ लेकर रकà¥à¤¤ में ऑकà¥à¤¸à¥€à¤œà¤¨ पहà¥à¤‚चाता है। इसलिठआयरन की कमी से शरीर में हीमोगà¥à¤²à¥‹à¤¬à¤¿à¤¨ की कमी हो जाती है और हीमोगà¥à¤²à¥‹à¤¬à¤¿à¤¨ कम होने से शरीर में ऑकà¥à¤¸à¥€à¤œà¤¨ की कमी होने लगती है। इसकी वजह से कमजोरी और थकान महसूस होती है, इसी सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ को à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ कहते हैं।
ये हैं लकà¥à¤·à¤£
-चकà¥à¤•र आना
-थकान होना
-तà¥à¤µà¤šà¤¾ का पीला पड़ना
-सीने में दरà¥à¤¦
-तलवे और हथेलियों का ठंडा पड़ना
-लगातार सिर में दरà¥à¤¦
-शरीर में तापमान की कमी
-आंखों के नीचे काले घेरे
महिलाà¤à¤‚ बनती हैं शिकार
शरीर के रकà¥à¤¤ में हीमोगà¥à¤²à¥‹à¤¬à¤¿à¤¨ की कमी से होने वाला रोग à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ à¤à¤¸à¥€ समसà¥à¤¯à¤¾ है, जिसकी अधिकांश महिलाà¤à¤‚ शिकार होती हैं। गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिलाओं में à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ का पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ अधिक पाया जाता है। गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान शरीर को अधिक मातà¥à¤°à¤¾ में विटामिन, मिनरल व फाइबर आदि की जरूरत होती है। रकà¥à¤¤ में लौह ततà¥à¤µà¥‹à¤‚ की कमी होने से शारीरिक दà¥à¤°à¥à¤¬à¤²à¤¤à¤¾ बढ़ती है।
वजन कम करने के लिठडाइटिंग कर रही लड़कियां à¤à¥€ इसकी शिकार हो जाती हैं। पीरियडà¥à¤¸ के दौरान बà¥à¤²à¥€à¤¡à¤¿à¤‚ग होने पर, यà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¸ में टà¥à¤¯à¥‚मर, आंतों का अलà¥à¤¸à¤° या पाइलà¥à¤¸ के कारण à¤à¥€ à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ की आशंका बढ़ जाती है। बचà¥à¤šà¥‡ को बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿ फीडिंग करवाने वाली महिलाओं को à¤à¥€ à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ होने का खतरा रहता है।
मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज के डॉकà¥à¤Ÿà¤° जà¥à¤—ल किशोर बताते हैं, "à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ का मतलब है शरीर में रेड बà¥à¤²à¤¡ सेलà¥à¤¸ कम होना। इसके कई कारण हो सकते हैं। महिलाओं को गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान या पीरियडà¥à¤¸ में अतà¥à¤¯à¤§à¤¿à¤• रकà¥à¤¤ सà¥à¤°à¤¾à¤µ होने के कारण à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ हो सकता है। आमतौर पर पाइलà¥à¤¸ या अलà¥à¤¸à¤° के कारण à¤à¥€ à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ हो सकता है।"
उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने आगे बताया, "आजकल परà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤°à¤£ में मौजूद हानिकारक ततà¥à¤µ à¤à¥€ à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ का कारण बन रहे हैं। सबसे पहले सही कारण का पता लगाà¤à¤‚ और उसके अनà¥à¤¸à¤¾à¤° उपचार लें। सही मातà¥à¤°à¤¾ में पोषक ततà¥à¤µ यà¥à¤•à¥à¤¤ à¤à¥‹à¤œà¤¨ इसका सबसे पहला उपाय है जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ समसà¥à¤¯à¤¾ होने पर खून चढ़ाने की à¤à¥€ जरूरत पड़ सकती है। à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ की समसà¥à¤¯à¤¾ बढ़ने से वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ हृदय आघात à¤à¥€ हो सकता है। समय रहते धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ देना बहà¥à¤¤ जरूरी है।"
बचने के कई रासà¥à¤¤à¥‡
à¤à¤• अकेली à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ की समसà¥à¤¯à¤¾, कई बीमारियों की जड़ है। इसे जड़ से खतà¥à¤® करने के लिठसंतà¥à¤²à¤¿à¤¤ और पोषक ततà¥à¤µà¥‹à¤‚ से à¤à¤°à¤ªà¥‚र डाइट लेना जरूरी है। à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ को ठीक होने में कम से कम छह महीने का समय लगता है। à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ का मà¥à¤•ाबला करने के लिठमांस, अंडा, मछली, किशमिश, सूखी खà¥à¤¬à¤¾à¤¨à¥€, हरी बीनà¥à¤¸, पालक और हरी पतà¥à¤¤à¥‡à¤¦à¤¾à¤° सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ जैसे आयरन से परिपूरà¥à¤£ आहार का सेवन महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ है।
आयरन यà¥à¤•à¥à¤¤ डाइट तà¤à¥€ फायदेमंद होती है, जब उसके साथ विटामिन सी का à¤à¥€ सेवन किया जाता है। विटामिन-सी के लिठअमरूद, आंवला और संतरे का जूस लें। कà¥à¤› लोग आयरन सपà¥à¤²à¥€à¤®à¥‡à¤‚टà¥à¤¸ लेना पसंद करते हैं, लेकिन इसे डॉकà¥à¤Ÿà¤° की सलाह पर ही लें। अतà¥à¤¯à¤§à¤¿à¤• आयरन à¤à¥€ खतरनाक हो सकता है।
खून बढ़ाने वाले आहार
चà¥à¤•ंदर- यह आयरन का अचà¥à¤›à¤¾ सà¥à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤¤ है। इसको रोज खाने में सलाद या सबà¥à¤œà¥€ के तौर पर शामिल करने से शरीर में खून की कमी नहीं होती।
हरी पतà¥à¤¤à¥‡à¤¦à¤¾à¤° सबà¥à¤œà¥€- पालक, बà¥à¤°à¥‹à¤•ोली, पतà¥à¤¤à¤¾à¤—ोà¤à¥€, गोà¤à¥€, शलजम और शकरकंद जैसी सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ सेहत के लिठबहà¥à¤¤ अचà¥à¤›à¥€ होती हैं। वजन कम होने के साथ खून à¤à¥€ बढ़ता है। पेट à¤à¥€ ठीक रहता है।
सूखे मेवे- खजूर, बादाम और किशमिश का खूब पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— करना चाहिà¤à¥¤ इसमें आयरन की परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ मातà¥à¤°à¤¾ होती है।
फल- खजूर, तरबूज, सेब, अंगूर, किशमिश और अनार खाने से खून बढ़ता है। अनार खाना à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ में काफी फायदा करता है। पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¦à¤¿à¤¨ अनार का सेवन करें।
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